पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए योगी सरकार का बड़ा एक्शन, यूपी में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, 50% बैठकें होंगी वर्चुअल, फ्लीट भी आधी करने के निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ईंधन और ऊर्जा बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम निर्देश जारी किए, जिनका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना और डिजिटल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है।

वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुशंसा की जाए। इसके साथ ही राज्य सचिवालय और निदेशालय स्तर पर 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च को कम किया जा सके।

सरकारी फ्लीट में 50% कटौती, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा

सीएम योगी ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सरकारी फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मंत्री, सांसद और विधायक सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। सरकार ने कार पूलिंग, साइक्लिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है।

मंत्रियों और अधिकारियों ने शुरू किया बदलाव

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के बाद राज्य के कई मंत्रियों ने अपनी फ्लीट में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग भी शुरू कर दिया है। वहीं कौशल विकास राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने अब बाहर यात्रा के लिए रेल का उपयोग करना शुरू किया है।

उच्च शिक्षा विभाग में भी वर्चुअल मीटिंग पर जोर

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और स्वदेशी अपनाने की अपील का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि अधिकांश सरकारी बैठकें अब वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाएंगी और केवल जरूरी मामलों में ही भौतिक उपस्थिति रखी जाएगी।

उन्होंने स्वयं सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है।

विधानसभा समितियों के भ्रमण कार्यक्रम स्थगित

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के निर्देश पर विधानसभा की विभिन्न संसदीय समितियों के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को भी अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री की अपील के बाद लिया गया है।

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, देशहित और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि संसाधनों का बेहतर और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

 

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